चन्दौली चकिया
तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खोजापुर के रामशाला में सिंचाई विभाग की नहरें इन दिनों बदहाली और अतिक्रमण की मार झेल रही हैं। प्राथमिक विद्यालय से लेकर त्रिलोकी चौहान के खेत तक करीब 800 मीटर लंबी सिंचाई नहर जर्जर हालत में पहुंच चुकी है।
ग्रामीणों के अनुसार नहर की एक ओर की मेड़ को कुछ किसानों द्वारा काटकर खेत में मिला लिया गया है, जिससे नहर का स्वरूप प्रभावित होने के साथ ही उसका रास्ता भी संकरा हो गया है। स्थिति यह है कि बरसात के दिनों में भी पानी नहर तक ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे जलनिकासी और सिंचाई दोनों की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से नहर की स्थिति खराब है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने और नहर की मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और जेई की नजर आखिर इस नहर की बदहाली पर कब पड़ेगी?
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से नहर की मौके पर जांच कराकर अतिक्रमण हटाने, क्षतिग्रस्त मेड़ की मरम्मत कराने और नहर की सफाई कराए जाने की मांग की है, ताकि बरसात के पानी की निकासी के साथ किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद सिंचाई विभाग इस जर्जर नहर की सुध लेता है या फिर यह नहर अतिक्रमण और उपेक्षा के बीच अपनी बदहाली की कहानी कहती रहेगी।







