जौनपुर
नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाना और उसके साथ दुष्कर्म करना अब किसी भी अपराधी के लिए आसान रास्ता नहीं। अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने दुष्कर्म के दोषी शिवकुमार उर्फ झालू को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, 14 वर्षीय पीड़िता को वर्ष 2021 में आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया था और बाद में उसे दिल्ली ले जाकर कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोष सिद्ध होने पर यह सजा सुनाई गई।
अदालत ने अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। फैसला साफ संदेश है।मासूम बेटियों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कानून की पकड़ से बच निकलना आसान नहीं।







