भदोही 22 अगस्त 2026:–
जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति (ग्रामीण) की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में स्वीकृत 506 आरआरसी सेंटरों में से 373 का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिनमें 351 संचालित हैं, जबकि 22 न संचालित होने वाले आरसी सेंटर, जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन सेंटर निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप शीघ्र पूर्ण कराए जाएं तथा इस माह के भीतर उनका संचालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर संचालित आरआरसी सेंटरों का निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि पूर्ण हो चुके केंद्रों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं कूड़ा निस्तारण का कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए।
उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत एकत्रित कूड़े के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही की स्थिति में संबंधित खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत एवं ग्राम पंचायत अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
व्यक्तिगत शौचालय योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों को ही दिया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को लाभान्वित किए जाने अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को शिकायतों के प्रति गंभीर रहने की चेतावनी भी दी।
बैठक में व्यक्तिगत शौचालयों के रेट्रोफिटिंग कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कार्यों की जियो-टैग फोटो समय से पोर्टल पर अपलोड कराई जाए, जिससे कार्यों की पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने जनपद के सभी 86 स्वच्छता मार्टों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) की स्थापना के लिए न्यूनतम एक एकड़ भूमि का शीघ्र चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि एफएसटीपी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से निकलने वाले मलीय अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं सुरक्षित निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को लाभ मिलेगा।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, नियमित संग्रहण, उचित परिवहन एवं वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ जैविक कचरे के प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण एवं जनजागरूकता के माध्यम से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
डिजिटल लाइब्रेरी को विद्यार्थियों एवं पाठकों के लिए सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया गया है। यहां अध्ययन के लिए उपयोगी पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ आवश्यक फर्नीचर, अलमारी एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुव्यवस्थित पुस्तक संग्रह और बेहतर अध्ययन वातावरण से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन की सुविधा मिलेगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर पंचायतों एवं नगर पालिका परिषदों के एमआरएफ सेंटरों से एकत्रित प्लास्टिक अपशिष्ट को प्रोसेसिंग हेतु मसूधी स्थित यूनिट तक पहुंचाया जाए। उन्होंने सुरियावां, ज्ञानपुर एवं भदोही के खंड विकास अधिकारियों को संबंधित नगर निकायों से समन्वय स्थापित कर प्लास्टिक अपशिष्ट के नियमित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आरआरसी निर्माण एवं संचालन, मॉडल ग्राम, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय, रेट्रोफिटिंग, स्वच्छता मार्ट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, गोबरधन योजना, एफएसटीपी स्थापना, अंत्येष्टि स्थल तथा डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन विकास खंडों में योजनाओं की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्यों में तेजी लाई जाए तथा सभी योजनाओं का संचालन गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, जिला विकास अधिकारी/जिला पंचायत राज अधिकारी सपना अवस्थी, जिला कंसल्टेंट गौरव कुमार, समस्त खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत तथा जिला स्वच्छता समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।







