वाराणसी
सिगरा कमिश्नरेट वाराणसी में सिगरा पुलिस ने अपराध के खिलाफ बड़ी मिसाल पेश की है। हत्या जैसी जघन्य घटना का तत्काल खुलासा करते हुए सिगरा पुलिस ने अपराधियों को भागने का मौका तक नहीं दिया।
इस पूरे ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक शिवाकान्त मिश्र ने जबरदस्त रोल निभाया। उनके कुशल नेतृत्व में चौकी प्रभारी नगर निगम भृगुपति त्रिपाठी और चौकी प्रभारी रोडवेज विकास सिंह विद्यापीठ चौकी प्रभारी पार्थ तिवारी थाने के सभी सब इंस्पेक्टर थाने की टीम ने त्वरित कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार मृतक इशु कन्नौजिया (19 वर्ष) को उसके ही दो नाबालिग और एक बालिग दोस्त जो अशिक्षित थे, पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए बहला-फुसलाकर रेलवे लाइन के पीछे सन्नाटे वाले एरिया में ले गए थे।
वहां चापड़ से गला काटकर निर्मम हत्या कर शव को छिपा दिया था उसके बाद तीनों बेफिक्र थे कारण तीनों नहीं थे शिक्षित कानून की नहीं थी जानकारी हत्या के बाद भी नहीं कोई टेंशन देखने को मिला चेहरे पर
मृतक भी अपराधी किस्म का था, 19 साल की उम्र में ही उसके ऊपर 5 मुकदमे कायम थे क्षेत्र में आम शोहरत नहीं ठीक थी सूत्रों के हवाले से मृतक के
घटना की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर शिवाकान्त मिश्र ने तत्काल टीम गठित की और पहलवान वीर बाबा मंदिर के पास रेलवे लाइन की बाउंड्री से तीनों हत्यारोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर मृतक का शव और हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल चापड़ भी बरामद कर लिया गया।
सिगरा पुलिस की इस फुर्तीला कार्रवाई की चारों तरफ सराहना हो रही है। इस तत्काल खुलासे पर उच्चाधिकारियों ने सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकान्त मिश्र और उनकी पूरी टीम को तत्काल 25,000 रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार खुलासे के मामले में जनपद के लगभग सभी थानों में सिगरा थाना एक नंबर पर चल रहा है सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा की लोकप्रियता का एक करड़ ये भी है कि लगातार गुंडवर्क से अधिकारी और जनता दोनों ही खुश है







