वाराणसी:
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में 33 पेड़ों की गैर-कानूनी कटाई पर माननीय NGT द्वारा विश्वविद्यालय पर बरकरार रखी गई ₹2.65 करोड़ की पेनल्टी के विरोध में आज छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति/कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक लापरवाही से हुए इस वित्तीय नुकसान का बोझ छात्रों की फीस या यूनिवर्सिटी बजट से नहीं उठाया जाना चाहिए।
इस हेतु छात्र समाज की प्रमुख मांगें हैं— CCS (CCA) Rules, 1965 एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जुर्माने की राशि की Personal Recovery दोषी अधिकारियों से की जाए, मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर नामजद आपराधिक FIR दर्ज हो तथा संपूर्ण 1,300 एकड़ परिसर के पेड़ों का Digital Tree Census (Geo-tagging) कराया जाए।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्र समाज द्वारा केवल विश्वविद्यालय प्रशासन ही नहीं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय (MoE), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), NAAC और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को भी आधिकारिक पत्र व ई-मेल भेजकर हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की जा चुकी है।
यदि तय समय-सीमा के भीतर दोषियों पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्र समाज लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य होगा।
निवेदक:
छात्र प्रतिनिधी मंडल, BHU
सत्यम सिंह, अमन मौर्य, लक्ष्य पाराशर, हिमांशु राय, अभिजी सिंह विवर्त,प्रिंस,अनुराग,अश्विनी











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