आगरा
थाना मलपुरा क्षेत्र में सरकारी राशन के चावल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर ही सरकारी राशन के चावल की खरीद-फरोख्त का खेल लंबे समय से चल रहा है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं
आरोप है कि मटरू उर्फ नीरज नाम का व्यक्ति कथित तौर पर राशन डीलरों से सरकारी चावल खरीदता है। इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि उसने कई लोगों को राशन की खरीदारी के लिए अपने संपर्क में लगा रखा है और उन्हें पैसे देकर सरकारी राशन एकत्र करवाया जाता है
वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग उसके घर पर सरकारी राशन का चावल पहुंचाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित विभाग द्वारा नहीं की गई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
अधिकारियों के लिए खुली चुनौती
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कथित रूप से सरकारी राशन की खरीद-फरोख्त करने वाले लोग कार्रवाई को लेकर बेखौफ नजर आ रहे हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति कथित तौर पर प्रशासन और मीडिया को भी चुनौती देने वाली बातें करता है यदि सरकारी राशन की खरीद-फरोख्त के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह गरीब और पात्र लाभार्थियों के हक पर सीधा कुठाराघात माना जाएगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि चौकी से चंद कदमों की दूरी पर कथित तौर पर चल रहे
इस खेल की भनक जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं लगी वायरल वीडियो के बाद अब निगाहें प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या पूरे मामले की जांच कर कथित चावल खरीदने वाले, राशन विक्रेताओं और संबंधित राशन डीलरों की भूमिका सामने लाई जाएगी? क्या सरकारी राशन की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क की जांच होगी?
या फिर मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और लगाए गए गंभीर आरोपों पर प्रशासन कितनी तेजी से संज्ञान लेता है और सरकारी राशन की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए क्या कार्रवाई करता है।







