काशी प्रवास के दौरान मेरे आदिभावक आदरणीय बृजेश सिंह के आवास पर जाकर उनसे भेंट करने एवं विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आत्मीय चर्चा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आदरणीय बृजेश सिंह का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन मुझे सदैव मिलता रहा है। उनका अनुभव और अपनापन मुझे जनसेवा के मार्ग पर और अधिक ऊर्जा एवं दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।







