वाराणसी मुख्यमंत्री के वाराणसी प्रवास के दौरान मंगलवार को जिला मुख्यालय का नज़ारा कुछ अलग रहा। सुबह से ही दर्जनों लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर वहां पहुंचने लगे। लोगों में यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि शायद आज यहां भी जनता दरबार लग सकता है, जहां सीधे मुख्यमंत्री से फरियाद करने का मौका मिलेगा।इस उम्मीद में कई महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और बेरोजगार युवक अपने आवेदन पत्र लेकर मुख्यालय के बाहर जमा हो गए। देखते ही देखते मुख्यालय परिसर में भीड़ बढ़ने लगी और माहौल में हलचल मच गई।
सूचना मिलते ही एसीपी कैंट नितिन तनेजा मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और कई प्रार्थना पत्रों को संज्ञान में लेते हुए यह भी बताया कि कुछ मामलों को मुख्यमंत्री तक अग्रसारित किया जाएगा। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भीड़ को समझाने की कोशिश की कि फिलहाल कोई जनता दरबार तय नहीं है, फिर भी जनता की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं।
मुख्यालय पर जुटे लोगों में ज्यादातर शिकायतें भूमि विवाद, राशन कार्ड, पेंशन, आवास और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी लापरवाहियों को लेकर थीं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री के शहर में रहने के दौरान अगर जनता दरबार लग जाए तो जनता को सीधे न्याय मिल सकेगा।
भीड़ और हलचल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। प्रशासन ने हालात को नियंत्रण में रखते हुए सभी से शांतिपूर्वक अपनी शिकायतें दर्ज करने की अपील की।







