मीरजापुर 29 जुलाई 2026-
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जिला अनुश्रवण समिति/जनपद स्तरीय टास्क फोर्स एवं यू-डायस की द्वितीय की बैठक व जिला पोषण समिति/जिला स्तरीय कन्वर्जेन्स समिति की बैठक आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने शिक्षा के स्तर में सुधार, विद्यालयों के भौतिक सत्यापन, यू-डायस पोर्टल पर डेटा फीडिंग तथा जनपद में कुपोषण उन्मूलन और महिला व बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
डेटा की सटीकता पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देषित किया कि यू-डायस पोर्टल पर प्रत्येक छात्र-छात्रा एवं विद्यालय से संबंधित जानकारी समय से और पूरी तरह से सटीक दर्ज की जाए, जिससे कोई भी पात्र बच्चा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने टास्क फोर्स द्वारा निरीक्षण जनपद स्तरीय टास्क फोर्स को नियमित रूप से विद्यालयों का भौतिक सत्यापन करने तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पेयजल, शौचालय) की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देष दिया।

जिलाधिकारी ने ड्रॉप-आउट बच्चों की वापसी, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने तथा ड्रॉप-आउट दर को शून्य करने पर विशेष बल दिया गया। उन्हांेने ड्राप आउट बच्चों को स्कूल चलो अभियान के तहत विद्यालयों में नामांकन में कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खण्ड षिक्षा अधिकारी हलिया, छानबे व नगर को प्रतिकूल प्रविष्ठि देते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी को निर्देषित करते हुए यदि इनके द्वारा कार्यो में सुधार नहीं लाया जाता है विभागीय कार्यवाही भी की जाए।
उन्होंने कहा कि सभी खण्ड षिक्षा अधिकारी ड्राप आउट बच्चों को का शत प्रतिषत विद्यालयों में नामांकन कराते हुए एक सप्ताह मे रिपोर्ट उपलब्ध कराएं ऐसा नहीं होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने विद्यालयों के ऊपर गुजरे हाईटेंषन के सम्बंध में अधिषासी अभियंता को निर्देषित किया कि अगली बैठक से पूर्व जिन विद्यालयों के ऊपर हाईटेंषन तार गए है उन सभी से हटवाया जाना सुनिष्चित करें।
आर0टी0ई0 के तहत जिन विद्यालयों द्वारा छात्र-छात्राओं का दाखिला नहीं किया जा रहा है उनके विरूद्ध एक सप्ताह में कार्यवाही करते हुए अवगत कराएं। विद्यालयों बन रहे दिव्यांग शौचालयों को मानक के अनुसार बनाए तथा विद्यालयों में नल से जल का भी सत्यापन करते हुए जियो टैंगिंग वाली फोटोग्राफ उपलब्ध कराएं।
कुपोषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सैम और मैम श्रेणी के बच्चों की पहचान कर उन्हें सुपोषित श्रेणी में लाने के लिए निरंतर अनुश्रवण के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरणरू आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट-कुक्ड मील, टेक-होम राशन के नियमित वितरण और पेयजल व विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने का निर्देष दिया। विभागों का समन्वय बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, स्वास्थ्य, पंचायती राज तथा शिक्षा विभाग को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर ग्राउंड लेवल पर कार्य करने का निर्देष जिलाधिकारी ने दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी जनपद की प्रगति की आधारशिला हैं अतएव यू-डायस डेटा में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और पोषण योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े बच्चे व गर्भवती महिला तक पहुंचना चाहिए तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, विषाल कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 कीर्ति कुमार मिश्रा, परियोजना निदेषक डी0आर0डी0ए0 धर्मजीत सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेष जायसवाल सहित संबंधित विभागों के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।











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