शहाबगंज
विकासखंड अंतर्गत एकौना माइनर इन दिनों दुर्दशा का शिकार है। गोविंदीपुर कैनाल से निकली करीब तीन किलोमीटर लंबी इस माइनर के कमांड एरिया में शहाबगंज, एकौना, अमरसीपुर और बुढ़मांव गांवों के सिवान आते हैं। इसके बावजूद करीब एक हजार बीघा खेतों की रोपाई के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। माइनर घास-फूस और पेड़-पौधों से पूरी तरह पटी हुई है।
किसानों द्वारा माइनर की बदहाली की शिकायत किए जाने पर किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने हेड से टेल तक निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से कभी-कभार महज सौ से डेढ़ सौ मीटर तक जेसीबी चलाकर सफाई कराए जाने का दिखावा किया जाता है।

आरोप है कि कई वर्षों से किसानों को माइनर के माध्यम से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।राम अवध सिंह ने मामले से सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता बृजेश त्रिपाठी और अवर अभियंता रत्नेश यादव को अवगत कराया। अधिशासी अभियंता ने सहायक अभियंता को तत्काल माइनर में पानी पहुंचाने का निर्देश दिया।
अवर अभियंता रत्नेश कुमार ने बताया कि 21 जून से कैनाल संचालित की जा रही है। बीच में पांच-छह दिन कैनाल बंद रही थी। माइनर में घास-फूस और पेड़-पौधों की अधिकता के कारण पानी आगे नहीं पहुंच पाया होगा। उन्होंने कहा कि दो-चार दिन के भीतर माइनर की सफाई करा दी जाएगी।
वहीं किसानों ने आरोप लगाया कि माइनर की स्थिति की निगरानी के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं आता। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि कमांड एरिया में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा तो जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा और जब तक पानी की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान राजेंद्र पाल, राम अवध सिंह, अखिलेश मौर्य, मिठाई लाल, उमराव मौर्य, छेदी मौर्य, कमलेश मौर्य और राम भजन पासवान सहित अन्य किसान मौजूद रहे।







