चन्दौली पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय),
बुधवार
राजभवन घेराव कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता, महासचिव रमेश पांडेय और कांग्रेस नेता गुलाब गुप्ता को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद कांग्रेस शहर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें मंगलवार रात से ही नजरबंद कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी द्वारा राजभवन घेराव सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे। इसी को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया।
बृजेश गुप्ता ने कहा कि सरकार विपक्ष और कांग्रेस के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं से भी डर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार भी छीना जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस की मांगों को दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही पूरे मामले पर संसद में चर्चा कराई जाए और प्रधानमंत्री देश की जनता तथा छात्रों से माफी मांगें। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और कांग्रेस नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह पूरी तरह अन्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। वहीं प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही।
रिपोर्ट – आलिम हाशमी







