जब दिल्ली पुलिस और लोगों में आपसी झड़प हुई तो इन तीनों चारों नेताओं में से किसी एक का भी नेता का अपना बच्चा सड़क पर नहीं आया , सड़क पर आए तो आम लोगों के घर के बच्चे, जो जय भीम के नारे लगा रहे थे
और जब दिल्ली पुलिस और आम जनता के बीच झड़प हुई तब ये तीनों चारों नेता मौज से जंतर-मंतर पर बैठे थे और वहां कुर्सियां तोड़ रहे थे
क्योंकि इनको नेता बनना है तुम्हारे बच्चों की लाशों पर
दिल्ली में 2020 में जो दंगे हुए थे तब भी इन्हीं नेताओं ने मुसलमानों को भड़काया था जिसमें हिन्दू मरे और मुसलमान आज भी जेल में बैठे हैं फिर ये मंत्री बने , शीश महल बनाए गए , मनीष सिसोदिया ने शिक्षा मंत्री रहते खूब शराब बेची
अब ये बात आम जनता को समझनी होगी कि आपके बच्चों के कंधों पर बंदूक रखकर अपनी खोई हुई राजनीति कौन चला रहा
और इनके अपने बच्चे सड़क पर नहीं थे जबकि नीट की परीक्षा NTA कराती है और उसका अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी है
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला







