भभुआ/कैमूर
15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भभुआ स्टेडियम में आयोजित होने वाले झंडोतोलन समारोह में जिले के युद्धवीर सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर कोमल त्रिपाठी को सम्मानित करने की मांग उठी है।
जिला अधिवक्ता संघ भभुआ कैमूर के पूर्व महासचिव मंटू पाण्डेय ने 19 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी कैमूर और पुलिस अधीक्षक कैमूर को पत्र लिखकर यह मांग की है। उन्होंने कहा कि समारोह में बिहार सरकार के मंत्री और कैमूर के प्रभारी मंत्री भी शामिल होते हैं। ऐसे में जिले के वीर सैनिक को सम्मानित करना युवाओं और आम लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

तीन युद्धों में लिया हिस्सा
पत्र में बताया गया है कि भभुआ प्रखंड अंतर्गत अखलासपुर गांव निवासी कोमल त्रिपाठी ने सन 1962 में भारत-चीन युद्ध, सन 1965 और सन 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना की तरफ से सैनिक के रूप में भाग लिया था। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के 93000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था और भारत ने बांग्लादेश को आजाद कराया था।
उनकी विशिष्ट वीरता और अदम्य साहस के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और सिट्रेशन से सम्मानित किया था।
सैन्य जीवन
कोमल त्रिपाठी 1956 में भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे और 1980 में सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में उनकी उम्र लगभग 86 वर्ष है और वे अपने पैतृक गांव अखलासपुर में रहते हैं।
मंटू पाण्डेय ने बताया कि उनके छोटे पुत्र अभय कुमार त्रिपाठी भी वर्तमान में भारतीय सेना में सूबेदार क्लर्क के पद पर जम्मू-कश्मीर के कारगिल में तैनात हैं।
“जिले में इकलौते युद्धवीर”
मंटू पाण्डेय का कहना है कि जहां तक जानकारी है, कैमूर जिले में 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में भाग लेने वाले कोमल त्रिपाठी एकमात्र सैनिक हैं।
उन्होंने मांग की कि 15 अगस्त को भभुआ स्टेडियम में झंडोतोलन के अवसर पर कोमल त्रिपाठी को सम्मानित किया जाए ताकि लोगों में यह संदेश जाए कि देश के लिए लड़ने वाले सैनिकों को सम्मान दिया जाता है।\











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