मीरजापुर
पुलिस उपमहानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र “पूनम” द्वारा बुधवार को परिक्षेत्रीय कार्यालय में परिक्षेत्र के तीनों जनपदों के पुलिस अधीक्षकों के साथ अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, वांछित/इनामी बदमाशों और वारंटियों की गिरफ्तारी, शिकायती प्रार्थना पत्रों का 10 दिन के भीतर निस्तारण तथा भूमि विवादों का समाधान दिवस पर राजस्व विभाग के सहयोग से निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
डीआईजी ने निर्देशित किया कि रात्रि में चौराहों-तिराहों पर चेकिंग कर अपराधियों के संचरण पर रोक लगाई जाए। यक्ष ऐप पर अपलोड चोरी, लूट व अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अपराधियों का भौतिक सत्यापन किया जाए। अवैध शराब, अवैध शस्त्र रखने व क्रय-विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
जनपद के टॉप-10 अपराधियों के विरुद्ध गुंडा, गैंगस्टर व धारा 14(1) के तहत संपत्ति जब्तीकरण और जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई करने, महिला संबंधी अपराधों में त्वरित व कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। गो-तस्करों के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई कर उनके द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्ति जब्त करने तथा गो-तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को शासनादेश के तहत जब्त करने के कड़े निर्देश दिए।
इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट के मुकदमों में 2 माह के अंदर विवेचना पूर्ण कर कोर्ट में सशक्त पैरवी कर सजा दिलाने, मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध अधिक से अधिक बरामदगी और मिशन शक्ति केंद्र को SOP के अनुसार संचालित करने हेतु मानक के अनुरूप पुलिस बल व संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, गुरु पूर्णिमा व अन्य धार्मिक आयोजनों को सकुशल व शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात व भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था और अराजक तत्वों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने, ट्विटर, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर भ्रामक व आपत्तिजनक पोस्ट पर तत्काल खंडन व कार्रवाई तथा अफवाह फैलाने वालों पर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।







