गोरखपुर
बांसगांव थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में समय से जवाब दाखिल न करना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद गोरखपुर के एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बांसगांव के थानाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह, संबंधित चौकी प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह और थाने के दीवान रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया है।
15 जुलाई को SSP को व्यक्तिगत रूप से होना है पेश दरअसल, इस मामले में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर के एसएसपी को 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट
पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद से गोरखपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
मार्च 2026 का मामला: बांसगांव थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी को संतकबीरनगर का रहने वाला एक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।मुकदमा और धाराएं: किशोरी की मां की तहरीर पर पुलिस ने शुरुआत में अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में जब किशोरी बरामद हुई, तो मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज हुए बयानों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई गई।
हाईकोर्ट पहुंचा आरोपी: निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।लापरवाही पर गिरी गाज
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने गोरखपुर पुलिस से इस मामले में जवाब
मांगा था, लेकिन पुलिस की तरफ से निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दाखिल नहीं किया गया।
सोमवार को हुई सुनवाई में जब जवाब नहीं मिला, तो हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी को तलब कर लिया।हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने जब पूरे मामले की समीक्षा कराई, तो थाना स्तर पर घोर लापरवाही सामने आई। इसके बाद एसएसपी ने बिना देर किए थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और दीवान के खिलाफ लाइनहाजिर करने की दंडात्मक कार्रवाई की।











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