लखनऊ
पेट्रोल में E20 (20% एथनॉल मिश्रित ईंधन) को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की एथनॉल नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति का फायदा कुछ चुनिंदा कंपनियों को मिल रहा है, जबकि इसकी कीमत आम वाहन मालिक चुका रहे हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि सरकार एथनॉल मिश्रण के फायदे—जैसे प्रदूषण में कमी और कच्चे तेल के आयात में कमी—तो गिनाती है, लेकिन इससे वाहनों पर पड़ने वाले असर और आम लोगों की बढ़ती परेशानियों पर चुप्पी साध लेती है।
गाड़ियों की परफॉर्मेंस और रीसेल वैल्यू पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कई वाहन मालिकों को माइलेज कम मिलने, इंजन स्टार्ट होने में दिक्कत, मेंटेनेंस खर्च बढ़ने और बार-बार मरम्मत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पुरानी गाड़ियों की उम्र और रीसेल वैल्यू पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
‘सीधा असर आम जनता की जेब पर’
अखिलेश यादव ने कहा कि पुरानी गाड़ियां E20 ईंधन को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई थीं। ऐसे में लाखों वाहन मालिक अतिरिक्त खर्च उठाने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि बीमा दावों को लेकर भी भविष्य में विवाद बढ़ सकते हैं। महंगाई के दौर में यह बोझ सीधे आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
खाद्यान्न और पानी पर भी जताई चिंता
उन्होंने यह भी कहा कि यदि बड़े पैमाने पर खाद्यान्न से एथनॉल बनाया जाएगा तो खाद्य वस्तुओं की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। साथ ही एथनॉल उत्पादन में अधिक पानी की आवश्यकता का हवाला देते हुए पर्यावरणीय चिंताएं भी उठाईं।
सरकार से मांगा जवाब
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह E20 नीति से आम जनता, वाहनों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करे और लोगों की शंकाओं का जवाब दे।







