वाराणसी
चर्चित 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को लेकर दर्ज मुकदमे ने नया मोड़ ले लिया है। न्यायालय के आदेश पर भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह, नितेश राय उर्फ सोनू समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आ रहा है।
बताया जा रहा है कि एक ऑडियो बातचीत सामने आई है, जिसे ओमप्रकाश मिश्रा और उनके भतीजे विशाल मिश्रा के बीच की बातचीत बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस बातचीत में ओमप्रकाश मिश्रा स्वयं अपनी जमीन बेचने और कुछ संपत्तियां दान करने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरे पक्ष का कहना है कि सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा अपने परिवार की कथित प्रताड़ना और उपेक्षा से बेहद परेशान थे। इसी कारण उन्होंने पूरी तरह होश-हवास में अपनी इच्छा से संपत्तियों की रजिस्ट्री और दानपत्र निष्पादित किए। उनका यह भी दावा है कि अब इस पूरे मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह, नितेश राय उर्फ सोनू समेत अन्य लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि बीमारी का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की संपत्ति का बैनामा और दानपत्र कराया गया। इसी शिकायत के आधार पर न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है।
फिलहाल मामले की जांच पुलिस कर रही है। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। ऐसे में वास्तविक तथ्य जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
ध्यान रखें कि यह प्रस्तुति दूसरे पक्ष के दावों पर आधारित है। किसी भी व्यक्ति के दोषी या निर्दोष होने का अंतिम निर्णय न्यायालय और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा।







