स्थानीय बाजार में चल रही प्राचीन रामलीला का समापन शनिवार को भरत मिलाप के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे।धार्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भरत मिलाप के बाद विधिवत आरती के साथ रामलीला का समापन किया गया।भरत मिलाप का प्रसंग भ्रातृप्रेम और त्याग का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है।
इसमें भरत ने भगवान श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित कर चौदह वर्षों तक उनकी सेवा की थी, जो भाई-भाई के अटूट प्रेम की पराकाष्ठा है। इस अवसर पर रामलीला समिति के संरक्षक कालिका प्रसाद जायसवाल अध्यक्ष श्याम मोहन गुप्ता बबलू अवनीश चंद्र बरनवाल प्रदीप कुमार सोनी राजू सेठ अमित उपाध्याय विपुल उपाध्याय कटरू सेठ पिंटू सेठ राहुल सेठ भूपेंद्र गुप्ता कंचन चौबे विजय जायसवाल सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।







