जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के तत्वावधान में सुगौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) परिसर में बाल विवाह उन्मूलन एवं स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat) की भूमिका एवं समाज में इसकी उपयोगिता विषय पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रयास जुवेनाइल सेंटर के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) द्वारा उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, इसके कानूनी प्रावधानों तथा समाज पर इसके नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत दंडात्मक प्रावधानों की भी जानकारी दी गई तथा लोगों को इस कुप्रथा के उन्मूलन हेतु जागरूक एवं सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

इसके अतिरिक्त, स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat) के माध्यम से सुलभ, त्वरित एवं सस्ती न्याय व्यवस्था की जानकारी दी गई। पैनल अधिवक्ताओं ने बताया कि स्थायी लोक अदालत के माध्यम से जनसामान्य बिना अधिक खर्च और समय के अपने विवादों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं, जिससे न्याय व्यवस्था में विश्वास और सुलभता बढ़ती है।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बाल विवाह उन्मूलन की आवश्यकता पर बल दिया तथा समाज को जागरूक करने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम में रुचि लेकर विभिन्न विधिक विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मोतिहारी द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा सके।











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