मीरजापुर।
उत्तर प्रदेश का आत्मनिर्भर युवा आत्मनिर्भर भारत का आधार बने इसी मूलमंत्र के साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा) योजना युवाओं के सपनों को उड़ान देने में मील का पत्थर साबित हो रही है। योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है
कि अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले महफूज रोजगार के लिए कभी सऊदी अरब जाने की सोच रहे थे। लेकिन ‘सीएम-युवा’ योजना से लाभान्वित होकर वे अब आधुनिक सैलून का संचालन कर रहे हैं। महफूज ने प्रतिमाह मोटा मुनाफा कमाने के साथ ही 3 युवाओं को रोजगार भी दे रखा है।
सदर तहसील क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी महफूज अंसारी बताते हैं कि रोजगार के लिए उनके गांव के आधा दर्जन से अधिक लोग सऊदी अरब गए हैं और वहां पर नाई का काम कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इसलिए उन्होंने भी स्नातक तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद सऊदी अरब जाने की चाह के चलते गांव के पास में ही हेयर कटिंग का काम सीखा।
इसी बीच उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही सीएम-युवा योजना के बारे में पता चला। जिसके बाद उन्होंने जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र में आवेदन किया और सरकार की मदद से उन्हें 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध हो सका।
जिसके बाद उन्होंने पक्का पोखरा इलाके में किराए पर दुकान ली व दुकान में आधुनिक साज-सज्जा के साथ सैलून चेयर, हेयर शैम्पू चेयर इत्यादि वाराणसी से मंगाकर स्थापित की। महफूज बताते हैं कि दुकान खोलने के बाद उन्हें बहुत अच्छा मुनाफा हो रहा है। सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें 30 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी हो रही है
जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण अच्छे से कर पा रहे हैं। उन्होंने अपनी दुकान में तीन अन्य लोगों को रोजगार भी दे रखा है जो प्रतिमाह 15 हजार रुपये तक कमाते हैं। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए महफूज कहते हैं कि यह योजना उन युवाओं के लिए बहुत मददगार है जो जीवन में कुछ करना चाहते हैं। मैंने मेहनत की और सरकार की मदद से मैं आत्मनिर्भर बना हूं। लेकिन मुझे यहीं नहीं रुकना है। जल्द ही जिले में कई अन्य स्थानों पर सैलून खोलने की योजना है।
ब्याजमुक्त ऋण से सपनों की राह होती आसान
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी) के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को बिना गारंटी और 100 फीसदी ब्याज मुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाना है। बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 764 लाभार्थी युवाओं को 263.63 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।
इसी तरह वर्ष 25-26 में 2027 युवाओं को 8 करोड़ 98 लाख 66 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्ष 26-27 में 66 युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए 35 लाख 84 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। इस योजना के तहत अभी तक 11 करोड़ 98 लाख 13 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कुल 2867 लाभार्थियों में 2007 पुरुष लाभार्थी व 860 महिला लाभार्थी हैं।











Users Today : 22
Users This Year : 24711
Total Users : 37304
Views Today : 92
Total views : 73423