वाराणसी।
कमिश्नरेट पुलिस ने घमहापुर के चर्चित मनीष सिंह हत्याकांड में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के मामले में गिरफ्तार 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है। डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है, जिससे क्षेत्र में अपराधियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2026 को थाना फूलपुर क्षेत्र के ग्राम घमहापुर में एक सड़क दुर्घटना के बाद उग्र भीड़ ने कार चालक मनीष सिंह की बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद फूलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामले में चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल की जा चुकी है।
अब पुलिस ने घटना की गंभीरता, आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों और गिरोहबद्ध तरीके से अपराध करने की प्रवृत्ति को देखते हुए उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत गैंगस्टर की कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना आशीष राजभर है, जबकि उसके साथ कुल 11 अन्य सदस्य शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम घमहापुर के निवासी हैं और वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध हैं।
डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस अब गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों, आर्थिक स्रोतों और आपराधिक नेटवर्क की भी गहन जांच करेगी। आवश्यकता पड़ने पर संपत्ति कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों और संगठित अपराध में शामिल व्यक्तियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वाराणसी कमिश्नरेट में अपराधियों के खिलाफ जारी इस अभियान को डीसीपी नीतू कादयान की कड़ी कार्यशैली का परिणाम माना जा रहा है।
“घमहापुर में मनीष सिंह की हत्या करने वालों पर गैंगस्टर की गाज, लेडी सिंघम नीतू कादयान के एक्शन से अपराधियों में मचा हड़कंप!”











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