वाराणसी कैंट थाने की पुलिस ने रविवार को फर्जी वसीयतनामा प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए गवाह बने आरोपी राजीव राय को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला अधिवक्ता शिव प्रकाश के भाई सत्यप्रकाश से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि उसने अपनी मां का फर्जी वसीयतनामा तैयार कराया था।
पुलिस और प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ कि इस कथित वसीयतनामा में राजीव राय ने झूठी गवाही दी थी। जिलाधिकारी के आदेश पर इस मामले की गहन जांच हुई, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद कैंट थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
रविवार को पुलिस टीम ने दबिश देकर राजीव राय को गिरफ्तार किया और थाने लाकर पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में और भी कई लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस कार्रवाई ने वाराणसी में वसीयतनामा विवादों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर तब, जब पूरा मामला जिलाधिकारी की सीधी निगरानी में जांच के बाद सामने आया है। प्रशासनिक सख्ती ने साफ कर दिया है कि फर्जी दस्तावेज और गवाहियों के जरिए संपत्ति हड़पने वालों पर अब शिकंजा कसना तय है।







