चंदौली अश्विन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के पावन पर्व पर चंदौली स्थित यथार्थ नर्सिंग कॉलेज एंड पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं ने धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से ओतप्रोत कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर कॉलेज की प्रिंसिपल, प्रोफेसर एवं फैकल्टी सदस्य भी सम्मिलित रहे। छात्र-छात्राओं के साथ संकाय सदस्य सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम पहुँचे, जहाँ उन्होंने परमहंस स्वामी अड़गड़ानंदजी महाराज के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान विद्यार्थियों ने परमपूज्य भगवान की गुरुवंदना एवं आरती कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। आश्रम में स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त कर विद्यार्थियों ने अपने जीवन में ज्ञान, सेवा और संस्कार को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि ऐसे धार्मिक व सांस्कृतिक भ्रमण छात्रों को न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और जीवन मूल्यों को भी सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर छात्रों ने भक्ति भाव से भजन-कीर्तन कर वातावरण को आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया। वहीं फैकल्टी सदस्यों ने भी स्वामी जी के विचारों से प्रेरणा लेकर कहा कि यह अनुभव विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
आश्रम में पहुंचने पर सभी ने श्रद्धाभाव से परमपूज्य स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “हम सभी मानव एक ही परमात्मा की संतान हैं। धर्म का निर्माण मनुष्यों द्वारा किया गया है, जबकि ईश्वर एक है और हम सब उसके अंश हैं।”जीवन में कठिनाइयाँ आना स्वाभाविक है, लेकिन हर परिस्थिति में ईश्वर पर अटूट विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि आस्था और धैर्य ही इंसान को कठिन समय से बाहर निकालने की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
परमहंस स्वामी अड़गड़ानंदजी महाराज के वचनों ने उपस्थित जनों के हृदय को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने छात्रों को जीवन में मानवीय मूल्यों, करुणा, प्रेम और सेवा भाव अपनाने की प्रेरणा दी। आश्रम परिसर में विद्यार्थियों के पहुँचने पर साधु-संतों ने उनका स्वागत किया। आश्रम में निवास कर रहे साधु-संतों ने बताया कि जैसे ही स्वामी को ज्ञात हुआ कि यथार्थ नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राएँ दर्शन हेतु आए हैं, वे स्वयं उनसे मिलने को लालायित हो उठे। यह क्षण देखकर आश्रम परिसर में मौजूद हर व्यक्ति का मन विभोर हो उठा। भक्त और भगवान का यह अनोखा संगम एक अलौकिक अनुभव में बदल गया।पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति और आस्था का वातावरण छाया रहा। छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से पूजन-अर्चन और आरती की तथा प्रसाद ग्रहण कर ईश्वर और गुरु के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।







