वाराणसी गोमती जोन फूलपुर थाना क्षेत्र में हुई मनीष सिंह की दुखद मृत्यु के बाद उपजे तनावपूर्ण माहौल में प्रशासन का मानवीय और सख्त चेहरा एक साथ देखने को मिला। जब अपनों को खोने के गम में परिजन शव रखकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा और गोमती जोन डीसीपी नीतू काद्दयान (लेडी सिंघम) ने न केवल कानून-व्यवस्था संभाली, बल्कि शोक संतप्त परिवार का संबल भी बनीं।
घटनास्थल पर माहौल अत्यंत भावुक था; मृतक की पत्नी की चीखें और मासूम बच्चों की सिसकियां पत्थर दिल को भी पिघला देने वाली थीं। ऐसे में इन दोनों महिला अधिकारियों ने सिद्ध किया कि संवेदना कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति है। उनकी आँखों में नमी थी, लेकिन कानून के पालन में कोई डगमगाहट नहीं।

न्याय और जज्बे की मिसाल
संवेदनशीलता अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के दर्द को सुना और उन्हें ढांढस बंधाया।
कर्तव्यनिष्ठा भारी विरोध और तनाव के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मुस्तैद रहीं।
अनुशासन कई थानों की फोर्स के साथ समन्वय कर स्थिति को अनियंत्रित होने से रोका।
> “वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं, वह जिम्मेदारी और जज्बा है जो इंसान को अपने निजी दर्द से ऊपर उठकर समाज के लिए खड़ा होना सिखाता है।”
इन अधिकारियों ने यह साबित कर दिया कि एक कुशल प्रशासक वही है जो दिल में दया और हाथ में न्याय की मशाल लेकर चले। आज पूरा क्षेत्र उनकी इस कर्तव्यपरायणता को नमन कर रहा है।











Users Today : 28
Users This Year : 24717
Total Users : 37310
Views Today : 106
Total views : 73437