अपनी भाषा को हमेशा सर्वोपरि रखना चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मु महाराष्ट्र के वर्धा में महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं।

राष्ट्र निर्माण में भारतीय भाषाओं के महत्व पर बल देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमें एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण करना चाहिए और यह केवल भारतीय भाषाओं की नींव पर ही संभव है।











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