वाराणसी
में ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रयागराज की झूंसी पुलिस द्वारा दर्ज यौन शोषण मामले पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि या जल्द ही झूंसी पुलिस उनके विद्या मठ पहुंच सकती है। स्वामी ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि वे पुलिस के आने का इंतजार कर रहे हैं और पूरी तरह तैयार हैं।
पुलिस से सामना करने की तैयारी
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आने दीजिए पुलिस को। मैं उनका पूरा सामना करने के लिए तैयार हूं। सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी जांच होगी, उसमें वे पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे। गिरफ्तारी हो या न हो, वे डरने वाले नहीं हैं। स्वामी ने जोर देकर कहा कि गिरफ्तारी का सवाल ही नहीं बनता, क्योंकि वे कहीं भाग नहीं रहे हैं। घटना के सबूत सुरक्षित रखने के लिए भी वे सहयोग करेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार पर तंज
शंकराचार्य ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता में पुलिस पर भरोसा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि जांच किसी दूसरे प्रदेश की पुलिस से हो। स्वामी ने इसे रामायण के कालनेमि से जोड़ा। उन्होंने कहा कि कालनेमि ने रावण की मदद के लिए सन्यासी का भेष धारण किया था, लेकिन उसका पर्दाफाश हो गया। इसी तरह छद्मभेष धारी लोगों का भी पर्दाफाश होगा। उन्होंने लंका कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण ने सन्यासी का रूप लिया था, लेकिन सच सामने आ गया।
सहयोग का भरोसा और छद्मभेषियों पर चेतावनी
स्वामी ने कहा कि जो भी जांच अधिकारी आएंगे, उनका स्वागत होगा। पुलिस को मामले को निपटाने में जितनी रुचि है, उतनी ही हमारी भी है। उन्होंने बताया कि कुछ अधिवक्ता वहां पहुंचे हैं, लेकिन वे अपनी श्रद्धा से आए हैं। स्वामी ने दोहराया कि अगर कोई छद्मभेष में आया है या पाखंड कर रहा है, तो उसका अंत हो जाएगा।
गिरफ्तारी पर क्या कहा?
शंकराचार्य ने कहा कि शिकायतकर्ता ने इतने दिन बिता दिए, लेकिन वे कहीं नहीं भागे। इसलिए गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है। फिर भी अगर पुलिस गिरफ्तार करती है, तो वे उसका भी विरोध नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हम पुलिस का कोई विरोध नहीं करेंगे।
रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी











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