उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई में अवैध रूप से रह रहे और फुटपाथों पर कब्जा जमाए बांग्लादेशी फेरीवालों को चिन्हित कर शहर से बाहर निकाला जाएगा।
मेयर का तर्क है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के व्यापार कर रहे ये लोग न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था पर बोझ हैं, बल्कि शहर की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं।
इस कार्रवाई के तहत नगर निगम (BMC) और पुलिस प्रशासन मिलकर एक विशेष अभियान चलाएंगे, जिसके अंतर्गत संदिग्ध फेरीवालों के पहचान पत्रों की गहन जांच की जाएगी। रितु तावड़े ने यह भी जोर दिया कि मुंबई के संसाधनों पर पहला अधिकार यहां के वैध नागरिकों का है और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।











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