चंन्दौली बबुरी
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती 24 जनवरी को बबुरी थाना क्षेत्र के बनौली चट्टी पर संगम मित्रा लान समय 11 बजे एक ऐसे राजनीतिक योद्धा थे जिन्होंने अपमान का घूंट पी कर भी बदलाव की इबारत लिखी। इनकी पूरी जीवन यात्रा वैचारिक प्रतिबद्धता, त्याग, संघर्ष, सादगी एवं ईमानदार का ऐसा दस्तावेज है। जो गांधी, लोहिया, और अम्बेडकर के समूचे के समूचे राजनीति क, समाजिक दर्शन को प्रतिबिम्बित करता है।
कर्पूरी ठाकुर जैसा जननायक बनने के लिए विचार और कर्म की कड़ी तपस्या से गुजर ना पड़ता है। अपमान का घूंट पी कर भी बदलाव की इबारत लिखी इनकी पूरी जीवन यात्रा वैचारिक प्रतिबद्धता, त्याग, संघर्ष, सादगी एवं ईमानदार का ऐसा दस्तावेज है जो गांधी, लोहिया, और अम्बेडकर के समूचे राजनीति समाजिक दर्शन को प्रतिबिम्बित करता है। कर्पूरी ठाकुर जैसा जननायक बनने के लिए विचार और कर्म की कड़ी तपस्या से गुजरना पड़ता है। देश के आजाद भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102 वी जयंती मना रहा है ।
ऐसे मौके पर उन्हें शत शत नमन कने के साथ ही उनके विचारों व संघर्षों की प्रासंगिकता पर चर्चा करना नितांत आवश्यक व महत्वपूर्ण है। देश समाज और खासकर नई पीढ़ी जो देश की आज़ादी की लड़ाई से उपजी राजनीतिक, समाजिक व आर्थिक चेतना से जाने -अजाने कट सी गई है वह ऐसे राजनीतिक योद्धा थे कि आजादी के लड़ाई से लेकर आजाद भारत तक कर्पूरी ठाकुर की जीवन यात्रा संघर्ष का ऐसा दस्तावेज है। जिनके हर पन्ने पर संघर्ष सादगी है राजनीतिक बदलाव है और समिजिक न्याय का इतिहास दर्ज है। गांधी लोहिया जयप्रकाश और अम्बेडकर के सपनों को जमीन पर उतारने की राजनीतिक बेचैन है कर्पूरी ठाकुर जी को ऐसा योद्धा बनाया जो न कभी रूका न थका और न झुका। सामाजिक न्याय व समरसता के ऐसे महान जननायक को श्रद्धासुमन अर्पित अरविंद सिंह पूर्व एमएलसी चंन्दौली







