इतनी ठंड के बावजूद जिलाधिकारी द्वारा शीतलहर अवकाश की घोषणा न होना बच्चों के साथ निर्दयता और हीटर में बैठे अधिकारियों की संवेदनहीनता का प्रमाण है गरीब बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल अवकाश घोषित होनी चाहिए परंतु जो अधिकारी खुद हीटर से गर्म कमरों और गाड़ियों में चल रहे हैं और मासूम बच्चों के लिए विचार भी नहीं करते हैं, यह बात कांग्रेस प्रवक्ता वैभव कुमार त्रिपाठी ने पत्रकारों से वार्ता में कहा।
उन्होंने ने आगे बताया कि प्रातः जिलाधिकारी चंदौली को मैने इस संदर्भ में चर्चा के लिए फोन किया तो कॉल फॉरवर्ड हुई और उनके पीए द्वारा कहा गया आप अपने बच्चों को मत भेजिए लेकिन अवकाश घोषित नहीं होगा इस संदर्भ में जिलाधिकारी वाराणसी को भी फोन किया, फारवर्ड कॉल पर उनके आवास पर स्टाफ से बात हुई।
मैने उनको इस संदर्भ में तत्काल अवकाश घोषित करने हेतु आग्रह किया और बताया कि जब सूरज तक दिखाई नहीं दे रहे हैं और गार्जियन घरों में है और बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है उनके स्वास्थ्य को लेकर लोगों की बहुत चिंता है लेकिन गार्जियन विवश है बच्चों को इस ठिठुरन में भी स्कूल भेजना पड़ रहा है इस निर्दयता और संवेदनहीनता की क्या जिलाधिकारी महोदय से अपेक्षा की जा सकती है?
मुख्यमंत्री को इस बात का तत्काल संज्ञान लेकर प्रदेश भर के जूनियर विद्यालय तक के छोटे बच्चों के लिए अवकाश की घोषणा करने का आदेश देना चाहिए अन्यथा यही माना जाएगा कि संन्यासी मुख्यमंत्री जी भी गरीब बच्चों और उनके स्वास्थ्य के प्रति संवेदनहीन है
प्रधानमंत्री को भी मासूमों के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए़ कि उनके संसदीय क्षेत्र के बच्चों के लिए शीतलहर अवकाश घोषित होनी चाहिए़ अन्यथा उनकी भी संवेदनहीनता प्रत्यक्ष होगी











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