चन्दौली
संगठन पूर्वांचल को पृथक राज्य का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चला रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि हरवंश पटेल गांव–गांव, मजरे–मजरे और शहर–शहर तक संगठन का विस्तार करेंगे तथा नौजवानों, किसानों, महिलाओं और बुद्धिजीवियों को इस आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने पर हरवंश पटेल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पूर्वांचल के सर्वांगीण विकास, सम्मान और पृथक राज्य की प्राप्ति तक संघर्षरत रहेंगे। पटेल पीआरजे क्षेत्रीय राजनीतिक दल में अब दो भूमिका में हो गये हैं. पहले से ही राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका में रहे. पूर्व में पटेल पृथक राज्य गठन के लिए आंदोलन को लेकर वाराणसी सहित पांच जिलों की जन जागरण यात्रा, मौन व्रत, जल सत्याग्रह, धरना भी दें चुके हैँ.पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष हैं . साथ ही मीडिया जगत से भी जुड़े हुए हैं.
विषय: पूर्वांचल राज्य जनांदोलन ने हरवंश पटेल को सौंपी राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनुज राही “हिंदुस्तानी” ने संगठन के विस्तार और जनआधार मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरवंश पटेल को संगठन का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। यह घोषणा चंदौली (सकलडीहा) में आयोजित एक बैठक के दौरान की गई, जिसमें संगठन के प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूर्वांचल राज्य जनांदोलन उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के लिए पृथक राज्य के गठन की संवैधानिक मांग को लेकर निरंतर संघर्षरत है। संगठन का मानना है कि पूर्वांचल की बड़ी आबादी, भौगोलिक विस्तार, सांस्कृतिक विशिष्टता और विकास संबंधी गंभीर चुनौतियाँ अलग राज्य के रूप में विशेष नीति और संसाधन की मांग करती हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज राही हिंदुस्तानी ने भरोसा जताया कि हरवंश पटेल अपने संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक जुड़ाव और जुझारू सोच के बल पर आंदोलन को नई ऊर्जा देंगे, पूर्वांचल के गांवों, कस्बों और शहरों में संगठन की जड़ें मजबूत करेंगे और युवाओं को बड़ी संख्या में जोड़ेंगे।
राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने पर हरवंश पटेल ने कहा कि यह उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर पूर्वांचल राज्य की मांग को जन–जन की आवाज बनाएंगे।
उन्होंने नौजवानों, किसानों, मजदूरों, छात्रों और महिलाओं से अपील की कि वे पूर्वांचल के स्वाभिमान और समग्र विकास के लिए इस जनांदोलन से जुड़ें।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







