चन्दौली शहाबगंज क्षेत्र के अमाव गांव स्थित बाबा मुरलीधर खेल मैदान में चल रहे नौ दिवसीय संगीत मय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पूर्णिमा त्रिपाठी श्रीधाम वृंदावन ने भक्तों को सती चरित्र से लेकर शिव विवाह तक की प्रसंगों की मधुर कथा सुनाई।
कथा के दौरान पूरा पांडाल भक्तिमय माहौल में डूब गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भक्तिरस में सराबोर होकर भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान भजन गायन से पूरा वातावरण हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा कथाव्यास पूर्णिमा त्रिपाठी ने बताया कि भगवान शिव का चरित्र त्याग, तपस्या और भक्ति का अद्भुत उदाहरण है। सती चरित्र प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान शिव और सती के जीवन से हमें त्याग, संयम और भक्ति की प्रेरणा मिलती है।
सती द्वारा अपने पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब श्रद्धा का अपमान होता है, तब धर्म की प्रतिष्ठा के लिए सती जैसा त्याग आवश्यक हो जाता है इसके बाद उन्होंने शिव विवाह का मनोरम वर्णन किया।
पार्वती जी के तप और भगवान शिव की कठोर साधना की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति और धैर्य से हर असंभव कार्य संभव हो सकता है। जैसे पार्वती ने जन्म-जन्मांतर की साधना कर भगवान शिव को वर रूप में प्राप्त किया। विवाह प्रसंग में मंच पर गाए गए भजनों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। भक्तजन भक्ति भाव से झूम उठे
इस दौरान डा.श्याम नारायण चौहान,हौसिला यादव,चन्द्रेव चौहान,कल्लन पाठक, विशाल पाठक, राज नारायण राजू, घनश्याम कनौजिया,अनिल चौहान,आदि मौजूद रहे
वहीं कथा संचालन हौसिला विश्वकर्मा ने किया।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











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