चन्दौली दुलहीपुर
आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती पर शुक्रवार को नीमा (नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन) चंदौली की ओर से चंधासी स्थित कैंप कार्यालय में श्रद्धा और उल्लास के साथ पूजन-अर्चन किया गया। दोपहर दो बजे आयोजित कार्यक्रम में पंडित उमाशंकर शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान धन्वंतरि का विधिवत पूजन कराया। चिकित्सकों ने पुष्प अर्पित कर समाज के स्वस्थ और निरोगी रहने की कामना की।
इस अवसर पर पंडित उमाशंकर शास्त्री ने भगवान धन्वंतरि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का प्रवर्तक माना जाता है। आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि खानपान, दिनचर्या और प्राकृतिक जीवनशैली के जरिए स्वस्थ रहने की समग्र पद्धति है। भगवान धन्वंतरि का संदेश आज भी निरोगी जीवन और मानव कल्याण के लिए प्रासंगिक है।
कार्यक्रम में नीमा के अध्यक्ष डॉ. एसके यादव, सचिव डॉ. आरके शर्मा, डॉ. स्वामीनाथ, कोषाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय प्रसाद, डॉ एस एन तिवारी, डॉ. नितिन कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. दीपू सोनी, डॉ लव कुश, डॉ सतीश चौहान और डॉ. डीएल चौहान सहित दर्जनों चिकित्सक उपस्थित रहे।






