जौनपुर
कभी-कभी जिंदगी ऐसे क्रूर मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है। जहां इंसान के पास आंसुओं के सिवाय कुछ और नहीं बचता। जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाइयां गूंजने वाली थीं।
जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। और रिश्तेदारों को खुशियों के निमंत्रण बांटे जा रहे थे। आज उसी घर में मातम पसरा है। जिस युवक के हाथों में कल तक शादी के कार्ड थे। आज उसी युवक की मौत की खबर ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
मंगलवार की सुबह लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शास्त्री ब्रिज पर हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा वाजिदपुर दक्षिणी निवासी 28 वर्षीय सुधांशु शर्मा पुत्र रतन शर्मा की जिंदगी छीन ले गया।
सुधांशु अपने चाचा शरद कुमार शर्मा के साथ बाइक से उनकी बेटी की शादी का निमंत्रण कार्ड बांटने खासनपुर मोहल्ले गए थे।
आगामी 21 नवंबर को घर में शादी होनी थी। दोनों कार्ड बांटकर हंसी-खुशी घर लौट रहे थे। लेकिन शायद किसी को यह अंदाजा भी नहीं था। कि यह सफर सुधांशु की जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे शास्त्री ब्रिज पर सामने से आ रहे डंपर की चपेट में आने से बाइक अनियंत्रित हो गई। और दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए ऑटो की व्यवस्था की और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन परिवार की उम्मीदें उस समय टूटकर बिखर गईं। जब चिकित्सकों ने सुधांशु को मृत घोषित कर दिया। उनके चाचा शरद कुमार शर्मा घायल हो गए।
जरा उस पिता के दिल का दर्द सोचिए। जिसने अपने बेटे को बड़े अरमानों से पाल-पोसकर बड़ा किया होगा। जरा उस मां की ममता का दर्द महसूस कीजिए।
जिसने सुबह अपने बेटे को घर से निकलते समय शायद यही कहा होगा कि जल्दी लौट आना। उसे क्या मालूम था। कि जिस बेटे के लौटने का इंतजार होगा। वह अब कभी दरवाजे पर आवाज नहीं लगाएगा।
आज मां की आंखें अपने लाल को तलाश रही होंगी। पिता का कलेजा बेटे को पुकार रहा होगा और परिवार के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि आखिर जिस घर में शादी की खुशियां आने वाली थीं। वहां अचानक यह मातम कैसे छा गया।
एक पल का हादसा, जिंदगी भर का दर्द।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि हम सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। सड़क पर चलते समय जरा-सी लापरवाही किसी की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है।
भारी वाहनों की रफ्तार, सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की अनदेखी कितनी भयावह साबित हो सकती है। इसका दर्दनाक उदाहरण सुधांशु की मौत है।
घटना की सूचना मिलते ही लाइन बाजार थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
अंत में एक सवाल हर मां-बाप से
जब भी आपका बेटा या बेटी घर से बाहर निकले तो उसे सिर्फ रास्ते के लिए विदा मत कीजिए। बल्कि सुरक्षित लौटने की दुआ भी कीजिए। सड़क पर आपकी कुछ मिनट की जल्दबाजी किसी दूसरे परिवार को जिंदगी भर का इंतजार दे सकती है।
क्योंकि किसी मां के लिए उसका बेटा सिर्फ एक इंसान नहीं, उसकी पूरी दुनिया होता है। और जब वही दुनिया उजड़ती है। तो घर की दीवारें तो खड़ी रहती हैं। लेकिन उस घर की खुशियां हमेशा के लिए खामोश हो जाती हैं।
भावभीनी श्रद्धांजलि। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम् शांति।






