गरीब, बेसहारा इंसान सड़क किनारे चल रहा है या सो रहा है। उसे नहीं पता कि कोई दूर बैठा लालची इंसान उसकी मौत का सौदा कर चुका है। अचानक एक गाड़ी आती है, उसे कुचल देती है। पुलिस और दुनिया की नजर में यह महज एक ‘सड़क हादसा’ है, लेकिन फाइलों में यह एक सोची-समझी ‘हत्या’ थी— सिर्फ इसलिए ताकि उस लाश पर करोड़ों का इंश्योरेंस क्लेम उठाया जा सके।
यह किसी क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि हमारे ही देश के 12 राज्यों में फैला मौत का एक खौफनाक नेक्सस था। एक ऐसा खूंखार सिंडिकेट जिसका काम ही मुर्दों और बेगुनाहों के नाम पर खेल करना था। ये लोग या तो कागजों में जिंदा लोगों को मृत घोषित कर देते थे, या फिर बीमा का पैसा ऐंठने के लिए बाकायदा मर्डर करते और उसे एक नॉर्मल एक्सीडेंट का रूप दे देते थे।
यूपी के संभल में उस वक्त तैनात (और वर्तमान में नोएडा में पोस्टेड) 2020 बैच की IPS ऑफिसर अनुकृति शर्मा। जब इस मौत के सिंडिकेट की भनक उन तक पहुंची, तो उन्होंने इसे रूटीन मामला मानकर फाइल बंद नहीं की। उन्होंने गहराई में जाकर जांच की वो परतें उधेड़ीं, जिससे 12 राज्यों में फैले इस पूरे शैतानी नेटवर्क की जड़ें हिल गईं।
नतीजा? 50 से ज्यादा शातिर अपराधी आज जेल की सलाखों के पीछे हैं। अनुकृति शर्मा जी की इस पैनी जांच ने सिर्फ 100 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश ही नहीं किया, बल्कि न जाने कितने और बेगुनाहों की जान बचा ली, जो इन दरिंदों का अगला शिकार बनने वाले थे।
इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस नेक्सस को नेस्तनाबूत करने वाली इस शानदार इन्वेस्टिगेशन के लिए अब IPS अनुकृति शर्मा को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
जब खाकी अपने असली फर्ज और जज्बे पर आती है, तो बड़े से बड़े अपराध तंत्र की कमर टूट जाती है। सिस्टम की गंदगी साफ करने वाली ऐसी जांबाज अफसर को पूरे देश का सलाम!







