चन्दौली चहनिया,
टांडा –बलुआ मुख्य मार्ग पर सड़क के एक बड़े गड्ढे के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गड्ढे की वजह से आवागमन में दिक्कत हो रही थी और वाहनों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई थी। ऐसे में समस्या को देखकर स्थानीय निवासिनी युवती कत्तूल प्रजापति ने अपने निजी खर्च से गड्ढे को ढकने और रास्ते की मरम्मत किया। जिसकी ग्रामीण भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं।
कत्तूल प्रजापति के अनुसार, संबंधित स्थान टांडा कला और सोनबरसा ग्रामसभाओं के बीच पड़ता है। उनका कहना है कि जब उन्होंने लोगों की परेशानी को देखते हुए गड्ढे पर पटिया रखवाई, तो टांडा कला ग्रामसभा के प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह ने पटिया लगाने पर आपत्ति जताई और उसे अपना बताया। प्रतिनिधि ने पटिया वापस मांगी। इस पर कत्तूल प्रजापति ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत दिलाना था।
कत्तूल के मुताबिक, जब उनसे कहा गया कि समाजसेवा करनी है तो अपने पैसे से करें, तो उन्होंने भी अपने निजी खर्च से पटिया बनवाकर देने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपने पैसे से पटिया बनवाई और रास्ते की मरम्मत कराई। उनके अनुसार, इस पूरे कार्य में करीब 3,000 रुपये खर्च हुए।
ग्रामसभा के जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठाए सवाल
कत्तूल प्रजापति ने दोनों ग्रामसभाओं के जनप्रतिनिधियों से सवाल किया कि जब मुख्य मार्ग पर गड्ढे के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही थी, तो समय रहते उसकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक होने के बावजूद उन्होंने लोगों की परेशानी को देखते हुए अपनी जेब से खर्च किया। ऐसे में ग्रामसभा के जिम्मेदार लोगों को भी सड़क की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
अब सवाल यह है कि बलुआ–टांडा मार्ग पर लोगों को परेशानी से बचाने के लिए स्थायी मरम्मत कब होगी और संबंधित ग्रामसभाओं के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस समस्या पर क्या कदम उठाएंगे?







