चन्दौली सकलडीहा,
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ अपने विभिन्न 8 सूत्री मांगों को लेकर लामबंद है। सकलडीहा तहसील के लेखपाल बीते 22 सितंबर से अतिरिक्त गांवों का प्रभार छोड़ दिया है। गुरूवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनय सिंह और तहसील अध्यक्ष अरूण अवस्थी के नेतृत्व में लेखपालों ने ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान आगामी थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताने व 17 अक्तूबर से धरना प्रदर्शन की चेतावनी दिया है।
सकलडीहा तहसील में करीब 40 लेखपालों ने 100 गांवों का अतिरिक्त बस्ता जमा कर दिया है। इससे इन गांवों में ऑनलाइन काम ठप हो गया है। जमीन की पैमाइश, आय, जाति और निवास सहित विभिन्न हजारों अभिलेख डंप होगया है। सुबह शाम छात्र से लेकर ग्रामीण परेशान है।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि यह कदम उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर उठाया गया है। संघ 2016 से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहा है, लेकिन 10 साल बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई हैं। उनकी मांगों में स्थानांतरण, ग्रेड पे और भत्ते बढ़ाना शामिल है।
उन्होंने बताया कि भत्ते 1962 से नहीं बढ़े हैं। लेखपालों ने बीते शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना दिया था। अब 8 अक्टूबर से तैनाती वाले गांवों का भी ऑनलाइन काम बंद कर दिया है।
इसके बाद 17 अक्टूबर से पूरे प्रदेश के लेखपाल हड़ताल पर चले जाएंगे। सकलडीहा तहसील में कुल 125 लेखपाल हैं। जिसे लेकर फरियादी और ग्रामीण सुबह शाम तहसील का चक्कर काट रहे है।
इस मौके विरोध जताने वालों में तहसील अध्यक्ष अरूण अवस्थी,बीरेन्द्र कौशल,अनिल कुमार,धर्मेन्द्र मौर्या,रवि प्रकाश श्रीवास्तव,आशा सिन्हा,रंजना सिंह,पूजा सिंह,अनिल गुप्ता,आलोक पांडेय,विजय यादव,सुभाष,राजेश पासवान,विजय जायसवाल,अनिल कुमार आदि रहे।







