मीरजापुर,
पंचायत राज विभाग की योजनाओं एवं जिला स्वच्छता समिति की समीक्षा बैठक प्रभारी जिलाधिकारी विशाल कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में जिला स्वच्छता समिति के सदस्य व सभी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) उपस्थित रहे।
प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नवंबर 2026 तक अवशेष व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया जाए। सामुदायिक शौचालयों का सर्वे कर ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल किया जाए। ‘विंध्य स्वच्छता प्रतिष्ठान’ को जनरल स्टोर के रूप में विकसित कर क्रियाशील किया जाए तथा माहवारी प्रबंधन हेतु प्रति माह 5000 रुपये की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आरआरसी की शत-प्रतिशत क्रियाशीलता व घर-घर कूड़ा निस्तारण के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायतों में अधिक ओएसआर जनरेट करने, हर 15 दिन प्लास्टिक मैनेजमेंट यूनिट में प्लास्टिक भेजने तथा 85 बाजारों में कम से कम चार मोबाइल टॉयलेट क्रय करने को कहा। बायोगैस प्लांट शीघ्र क्रियाशील करने, सिटीजन पोर्टल पर लंबित शौचालयों का सत्यापन करने, बल्क वेस्ट जनरेटर चिन्हित कर यूजर चार्ज वसूलने तथा 405 तालाबों को मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। जिले को प्लास्टिक फ्री बनाने के लिए ब्लैक स्पॉट चिन्हांकन पर जोर दिया गया।
लापरवाही बरतने वाले कई सहायक विकास अधिकारी व सचिवों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। प्रत्येक सफाई कर्मी को तीन ब्लैक स्पॉट चिन्हित व दो-तीन किलो प्लास्टिक एकत्र करने तथा ग्राम सचिवों को स्वच्छता में कम से कम तीन हजार रुपये ओएसआर जनरेट करने को कहा गया। डिजिटल लाइब्रेरी 15 दिन में पूर्ण कर 25 अक्टूबर को सामूहिक उद्घाटन करने के निर्देश दिए गए।
इस माह वित्त धनराशि का 99 प्रतिशत भुगतान, तालाब पट्टा राशि ट्रांसफर, ऑडिट आपत्ति निस्तारण तथा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प सप्ताह में योजनाओं का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव सहित अन्य अधिकारी व प्रशासक उपस्थित रहे।







