शहाबगंज (चंदौली)
मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग की लगातार बारिश की चेतावनी के बीच शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के घोड़सारी गांव में जलभराव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका के बीच किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने बाढ़ निवारण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई
किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने क्षेत्र के दौरे के दौरान घोड़सारी गांव में जलभराव और प्रभावित फसलों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लेहरा शाखा नहर से हड़ौरा गांव के उत्तर तरफ से निकली घोड़सारी माइनर पूरब दिशा से होते हुए उत्तर में पचपरा तक जाती है। वर्तमान में यह माइनर घास-फूस, झाड़ियों और पेड़-पौधों से पूरी तरह पटी हुई है, जिससे बारिश के पानी की निकासी प्रभावित हो रही है।
मंच के कार्यकर्ता उमाशंकर दूबे ने आरोप लगाया कि करीब ढाई सौ मीटर के दायरे में माइनर पर मनमाने ढंग से सिंगल ह्यूम पाइप की पुलिया बना दी गई है। उनका कहना है कि कम क्षमता वाली पुलिया पानी के बहाव में बड़ी बाधा बन रही है। उन्होंने इसे तत्काल हटाकर उचित जलनिकासी की व्यवस्था किए जाने की मांग की।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कहा कि घोड़सारी क्षेत्र में बाढ़ के पानी की निकासी का प्रमुख साधन यही माइनर है। ऐसे में इसकी सफाई और क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग की कि लोक निर्माण विभाग सिंगल ह्यूम पाइप को तत्काल हटवाकर उसकी जगह डबल ह्यूम पाइप लगवाए, ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो।
उन्होंने उपजिलाधिकारी चकिया, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार और एसडीओ बृजेश तिवारी से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की अपील की। साथ ही सिंचाई विभाग से जेसीबी लगाकर माइनर की तत्काल सफाई कराने की मांग की
राम अवध सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते बाढ़ निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसानों की फसल बर्बाद हो सकती है और उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसान पिछले वर्ष जैसी बर्बादी दोबारा नहीं देखना चाहते।
किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने बताया कि मामले की सूचना इंटेलिजेंस ब्यूरो और एलआईयू को भी दी गई है। मंच ने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाएंगे।
प्रदर्शन में उमाशंकर दूबे, राम अवध सिंह, अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ बंटी, प्रेम शंकर दुबे, घनश्याम बिन्द, अखिलेश तिवारी, अमलेश सिंह, सुदर्शन राम, राम ललित तिवारी, परमेश्वर दूबे, विकास दुबे सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।







