यह दोहा रोहनिया थाना क्षेत्र में सच साबित हुआ। आज ही पैदा हुए एक नवजात शिशु को लोकलाज के भय से किसी निर्दयी ने खेत में मरने के लिए फेंक दिया था। ठंड, भूख और असहायता में तड़प रहा वह मासूम मौत के मुंह में जा रहा था।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजू सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए बच्चे को निजी अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से नवजात की जान बच गई और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।
राजू सिंह का यह कार्य सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल है। पुलिस अधिकारी अक्सर कानून व्यवस्था तक सीमित रहते हैं, पर उन्होंने एक असहाय जीवन को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। क्षेत्र के लोग उनके इस साहस और संवेदनशीलता की मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं। पैदा हुए बच्चे को फेंकने वालों को तो सभी कोस रहे हैं, लेकिन राजू सिंह जैसे अधिकारी समाज में आशा जगाते हैं।
_उनके इस नेक काम से साबित होता है कि सच्चा पुलिसकर्मी सिर्फ अपराध रोकने वाला नहीं, बल्कि जीवन रक्षक भी होता है। रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह को सलाम है।







