चन्दौली सकलडीहा
बीते चार दिन पूर्व मूसलाधार बारिश के कारण सकलडीहा में तहसील से लेकर सीओ कार्यालय सहित शिक्षण संस्थान जलमग्न होगया है। चार दिन बीतने के बाद भी पानी निकासी की समस्या को लेकर अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि अनजान बने हुए है। बरसात का पानी घरों से लेकर खेतों में भरा होने से हाहाकार मचा हुआ है। ईंजन और टुल्लू लगाकर पानी निकालने के लिये ग्रामीण और दुकानदार परेशान है।
तीन दिन हुई मूसलाधार बारिश के कारण सकलडीहा में सरकारी कार्यालय से लेकर शिक्षण संस्थान जलमग्न होगया है। सीओ कार्यालय मार्ग से लेकर इंटर कॉलेज मार्ग पर बरसात का पानी जमा हुआ है। इसके अलावा सकलडीहा इंटर कॉलेज मार्ग से लेकर अनुसूचित छात्रावास,पीजी कॉलेज और तहसील मार्ग पूरी तरह से जलमग्न होगया है। सकलडीहा पीजी कॉलेज,सकलडीहा इंटर कॉलेज का खेल मैदान पानी से लबालब भरा हुआ है।
आरोप है कि प्लाटरों द्वारा बेसकीमती जमीन की प्लाटिंग को लेकर बड़ी बडी नाला व बाहा को पाटकर सरकारी धन से छोटी सीवर पाइप डाल दिया गया है। जिससे बरसात का पानी तेजी से नहीं निकलने से आसपास के घरों और दुकानों में पानी घुसा हुआ है। लम्बे समय से सकलडीहा इंटर कॉलेज का खेल मैदान जलमग्न की समस्या को लेकर आवाज उठाया जा रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हुए है। तहसील प्रशासन से लेकर ब्लॉक के अधिकारियों की रूचि नहीं दिखाने से वर्षो बाद भी जलभरॉव की समस्या से लोग जूझ रहे है।
जबकि स्थानीय विधायक और मंत्री का क्षेत्र होने के बाद भी समस्या को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं है। जिसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों ने जिला जिला प्रशासन से समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग किया है। उधर एसडीओ सियाराम यादव ने बताया कि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर बिजली आपूर्ति का संचालन कर पाना संभव नहीं है।
पुलिया का मुंह बंद होने के कारण गांव में घूसा पानी हाईवे निर्माण करने वाली कार्यवाही संस्था की घोर लापरवाही के कारण सकलडीहा सहित आसपास गांव के हजारों किसान परेशान है पुलिया का मुंह बंद करके छोड़ देने व नाला निर्माण अधूरा होने के कारण सकलडीहा टिमिलपुर और नागेपुर जलमग्न हो गया है। इसके अलावा खड़ेहरा दृष्टि जलालपुर इटवा बिशनपुरा गोहद लेहरा मनिहरा सहित कई गांव में बरसात के पानी निकासी नहीं होने से किस की हजारों एकड़ फसल डूब गया है।
जिसे लेकर किसानों ने डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग किया है
रिपोर्ट – आलिम हाशमी







