प्रयागराज
पत्रकारिता केवल खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि सच के साथ खड़े होने और समाज की आवाज को मजबूती से उठाने का दायित्व है। इसी सोच के साथ राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग प्रयागराज में पत्रकारों की एकजुटता, सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार मजबूत कदम बढ़ रहा है। इस अभियान को जिले में गति देने का काम कर रहे हैं। आयोग के जिला अध्यक्ष एवं निडर पत्रकार रणविजय सिंह उर्फ सोनू सिंह बघेल।
जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद
बघेल ने संगठन को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर पत्रकारों को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास शुरू किया। इसी क्रम में बारा थाना क्षेत्र के गौहनी में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के जनसंपर्क कार्यालय का उद्घाटन कर पत्रकार साथियों के लिए एक स्थायी संपर्क केंद्र की शुरुआत की गई।
कार्यालय उद्घाटन के दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जब किसी पत्रकार पर संकट आए तो उसकी पहचान छोटा-बड़ा पत्रकार नहीं, बल्कि केवल “पत्रकार” होनी चाहिए। पत्रकारों के बीच आपसी सहयोग, सम्मान और भाईचारा ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।
बघेल की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यही है। कि वे पत्रकारों को प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि एक-दूसरे का सहयोगी और संघर्ष का साथी मानते हैं। उनका प्रयास है। कि जिले के प्रत्येक तहसील, ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्र तक संगठन पहुंचे तथा किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय या उत्पीड़न होने पर उसकी आवाज सामूहिक रूप से उठाई जाए।
उन्होंने पत्रकार साथियों के बीच यह भावना मजबूत करने पर भी जोर दिया है। कि एक पत्रकार की परेशानी को दूसरे पत्रकार की परेशानी समझा जाए। आपसी मतभेद हो सकते हैं। विचार अलग हो सकते हैं। लेकिन पत्रकार हित और पत्रकार सुरक्षा के मुद्दे पर सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।
जनसंपर्क कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर वाराणसी प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, यमुनापार प्रभारी नरेंद्र यादव, प्रयाग भारत के प्रधान संपादक अरविंद बिसेन, बारा थाना प्रभारी विनोद सोनकर सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पत्रकारों के लिए सबसे बड़ा संदेश—प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग जरूरी
आज पत्रकारिता के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में पत्रकारों का आपस में बंटना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है। कि कलम अलग-अलग हो सकती है। लेकिन पत्रकारों का संघर्ष और सम्मान एक होना चाहिए।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग का प्रयागराज में बढ़ता संगठन इसी एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। रणविजय सिंह उर्फ सोनू सिंह बघेल के नेतृत्व में पत्रकारों को उम्मीद है। कि संगठन भविष्य में पत्रकार हित, सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाएगा।
क्योंकि पत्रकार अकेला कमजोर हो सकता है। लेकिन जब पत्रकार एकजुट होते हैं। तो उनकी आवाज को दबाना आसान नहीं होता।
संदेश स्पष्ट है। पत्रकार से पत्रकार की लड़ाई नहीं, पत्रकार के लिए पत्रकार की लड़ाई होनी चाहिए। यही एकता पत्रकारिता की असली ताकत है।
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा







