चंदौली
मुगलसराय थाना क्षेत्र में 11 साल पहले हुई अपहरण व फिरौती की सनसनीखेज घटना का आरोपी और 50 हजार रुपये का इनामी हिस्ट्रीशीटर दिलीप कुमार कुशवाहा उर्फ छोटू आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। थाना मुगलसराय प्रभारी उपनिरीक्षक विजय प्रताप सिंह और सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा की टीम ने अथक प्रयासों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर बिहार के दानापुर (पटना) से उसे गिरफ्तार किया। इस सफलता के पीछे कप्तान आकाश पटेल के कुशल मार्गदर्शन और उच्चाधिकारियों के निरंतर निर्देशन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
घटना का जिक्र करें तो 13 जनवरी 2015 को मुगलसराय के मैनाताली निवासी पवन कुमार भारूका के बेटे पीयूष भारूका (तब उम्र करीब 24 वर्ष) घर से निकले थे। उनकी स्कूटी केंद्रीय विद्यालय मानसनगर के गेट के पास चाभी लगी अवस्था में लावारिस मिली। तीन दिन बाद 16 जनवरी को अपहृत युवक के मोबाइल नंबर से फिरौती की डिमांड और जान से मारने की धमकी भरा फोन आया। इस पर थाना मुगलसराय में मुकदमा संख्या 43/2015 धारा 364-ए व 506 भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया।पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत पीयूष को सकुशल बरामद किया गया। उन पर आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। लेकिन मुख्य साजिशकर्ता दिलीप कुशवाहा लंबे समय से फरार चला आ रहा था। वह बिहार के वैशाली जिले के ग्राम बनखारा, थाना राजापाकड़ का रहने वाला है और उम्र करीब 51 वर्ष है।19 अगस्त 2026 को मुगलसराय पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल की मदद से दानापुर में उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दिलीप के खिलाफ कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें ज्यादातर अपहरण व फिरौती से जुड़े हैं। इनमें मुगलसराय का वही 2015 वाला मुकदमा शामिल है। इसके अलावा वैशाली, हाजीपुर, नालंदा, पटना (बिहार) तथा रांची और चांडिल (झारखंड) के विभिन्न थानों में धारा 364-ए सहित अन्य गंभीर धाराओं के केस दर्ज हैं। एक मामले में आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई थी।चंदौली पुलिस ने वर्ष 2026 में अब तक कुल 63 इनामी वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अपनी सक्रियता का परिचय दिया है।
मुगलसराय थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह और सर्विलांस प्रभारी आशीष मिश्रा की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन में दिन-रात एक कर अथक मेहनत की। टीम में चौकी प्रभारी अजय कुमार, बांकेलाल, हेड कांस्टेबल मन्टू सिंह, कांस्टेबल अभिषेक दूबे और राकेश यादव भी शामिल रहे।कप्तान आकाश पटेल के नेतृत्व और उच्चाधिकारियों के कुशल निर्देशन ने पुलिस बल को लगातार प्रेरित रखा। लंबे समय से फरार रहने वाले खतरनाक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने में उनकी दूरदर्शिता और टीम वर्क की सराहना की जा रही है। इस गिरफ्तारी से न केवल पुराना केस आगे बढ़ेगा बल्कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश भी मजबूत हुआ है।
कप्तान आकाश पटेल ने बताया कि वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। दिलीप कुशवाहा जैसे इनामी अपराधियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस नेटवर्क और मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। यह सफलता चंदौली पुलिस की निरंतर मेहनत और समर्पण का नतीजा है।
रिपोर्ट – रिम्मी कौर











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