वाराणसी
ग्लोबल कहार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने गुरुवार को पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण को ज्ञापन सौंपकर रविकान्त वर्मा उर्फ सोनल प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी विधिक एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष पद्म नारायण (पी.एन.) वर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विगत 6 जुलाई 2026 को सोनल वर्मा होटल कृष्णा पैलेस, फरीदपुर (सारनाथ) में कुछ लोगों से मिलने गए थे, जहां से जौनपुर की एसओजी टीम उन्हें अन्य व्यक्तियों के साथ अपने साथ ले गई। संगठन का दावा है कि उसी दिन शाम यूपी-112 पर इसकी सूचना भी दी गई थी, जिस पर इवेंट आईडी P06072625617 दर्ज हुई। मौके पर पहुंची यूपी-112 टीम ने भी संबंधित व्यक्तियों को जौनपुर पुलिस द्वारा ले जाने की जानकारी दी थी।

ज्ञापन में कहा गया कि इसके बावजूद 7 जुलाई 2026 को भोर में थाना जलालपुर और केराकत पुलिस ने सोनल के पैर में गोली मारकर कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़, गिरफ्तारी और अवैध असलहा बरामदगी दर्शाते हुए मुकदमा दर्ज कर दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि यदि संबंधित व्यक्ति एक दिन पहले से पुलिस हिरासत में थे, तो मुठभेड़ और बरामदगी के संबंध में दर्ज पुलिस अभिलेखों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
संघ ने डीआईजी वैभव कृष्ण से मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी या एजेंसी से कराई जाए तथा जांच में यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध अथवा दोषपूर्ण पाई जाती है। तो उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधि सम्मत दंडात्मक एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान अधिवक्ता अविनाश सिंह, अनूप वर्मा, सुभाष वर्मा, पूर्व उपजिलाधिकारी रमेशचंद्र वर्मा, शिक्षक संतोष वर्मा, सूरज भारद्वाज, जयसागर वर्मा, डॉ. सुरेश वर्मा, डॉ. संतोष वर्मा, सत्यम वर्मा, सतीश वर्मा, हिमांशु पाल, अनुज चौहान, निक्की यादव, प्रवीण कुमार सिंह, अंश कश्यप, रोहन राजभर, लकी वर्मा, नीतिन पटेल, अजय पटेल सहित ग्लोबल कहार समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।











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