वाराणसी साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपने नए हथकंडे से निवेशकों को निशाना बनाया है। शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का सपना दिखाकर शहर के दो अलग-अलग निवेशकों से कुल 58 लाख रुपये की ठगी की गई। ठगों ने फर्जी मोबाइल एप और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पीड़ितों को झांसे में लेकर रकम उड़ाई। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
पहला मामला – 43 लाख का चूना बड़ागांव थाना क्षेत्र के काजीसराय के साईं गांव निवासी नीरज श्रीवास्तव को “अनन्या मेहता” नामक महिला ने व्हाट्सएप पर संपर्क किया। महिला ने खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि मोतीलाल ओसवाल कंपनी के एप से बल्क ट्रेडिंग में निवेश पर 10 से 25 प्रतिशत तक का रोजाना मुनाफा मिलेगा।
शुरुआत में नीरज ने 1 लाख रुपये लगाए, जिस पर उन्हें 15 हजार रुपये का लाभ दिखाया गया। इसके बाद उन्हें 136 सदस्यों वाले एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां सब निवेश कर मुनाफा कमा रहे थे। धीरे-धीरे भरोसा जमाने के बाद नीरज ने अलग-अलग खातों में कुल 43 लाख रुपये जमा कर दिए। एप पर उनके खाते में 1.23 करोड़ रुपये दिखने लगे, लेकिन जैसे ही पैसे निकालने का प्रयास किया गया, भुगतान रोक दिया गया।
तभी उन्हें अहसास हुआ कि पूरा एप और ग्रुप फर्जी था। दूसरा मामला – 15 लाख की ठगी शिवपुर थाना क्षेत्र के वरुणा इन्क्लेव निवासी विश्वप्रताप सिंह के साथ भी ऐसा ही खेल खेला गया। 22 अगस्त को उन्हें भी उसी महिला ने संपर्क किया और बल्क ट्रेडिंग का ऑफर दिया। पहले 5 लाख रुपये निवेश करने पर 52,260 रुपये का मुनाफा दिखाया गया। बाद में उन्होंने और भरोसा करके 15 लाख रुपये जमा कर दिए। लेकिन इस बार रकम फंस गई और उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला।
पुलिस की कार्रवाई
दोनों पीड़ितों की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और खातों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी लिंक, एप या ग्रुप पर बिना जांचे-परखे निवेश न करें।







