लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े फेरबदल का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवप्रोन्नत एडीजी अधिकारियों को बधाई दी, वहीं डीजीपी राजीव कृष्ण ने उन्हें प्रतीक चिह्न धारण कराए। प्रमोशन के बाद एडीजी प्रवीण कुमार और एडीजी तरुण गाबा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट कर आशीर्वाद लिया।
लेकिन असली सियासी-पुलिसी हलचल अब शुरू हुई है। वर्षों से लंबित पड़ी बड़ी पोस्टिंग लिस्ट अब ‘श्रीहरिकोटा से कालिदास मार्ग’ तक पूरी तरह पाश्चुरीकृत प्रक्रिया से गुजरने वाली है। संकेत साफ हैं—अब सिर्फ वरिष्ठता नहीं, बल्कि भरोसा, प्रदर्शन और संतुलन भी निर्णायक होगा।
सूत्रों के मुताबिक,
• कमिश्नरेट,
• बड़े ज़ोन,
• संवेदनशील व बड़े जिले
इन सबके लिए अंदरखाने भाले और तलवारें खिंच चुकी हैं। दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है और हर कोई अपने-अपने ‘शूरवीर जुगाड़’ में जुट गया है। कौन किस ज़ोन का किला फतह करेगा और किसे इंतजार की तलवार झेलनी पड़ेगी—यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। पुलिस महकमे की यह बाजी किस करवट बैठेगा, इस पर न सिर्फ अफसरशाही बल्कि सियासी गलियारों की भी नजरें टिकी हैं।











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