भदोही
जनपद के नारेपार गांव की ब्राह्मण बस्ती में सड़क चौड़ीकरण के दौरान सरकारी चकरोड के बीच पुलिया डाले जाने को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब संबंधित स्थान पर नाली का निर्माण होना ही नहीं है, तो वहां पुलिया डालने का क्या औचित्य है?
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की जांच कराकर समस्या का समाधान करने की मांग की है
ग्रामीणों के अनुसार, सीतामढ़ी चौराहे से सेमराधनाथ धाम तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान नारेपार गांव की ब्राह्मण बस्ती के खड़ंजा मार्ग को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले स्थान पर पुलिया डाल दी गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया का निर्माण उचित स्थान पर नहीं किया गया, जिसके कारण संपर्क मार्ग से आवागमन करने में परेशानी हो रही है। विशेष रूप से चारपहिया वाहनों को आने-जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है
ग्रामीणों का सवाल है कि जब वहां नाली बनाने की योजना ही नहीं है, तो पुलिया निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ी? उनका कहना है कि सरकारी धन से होने वाले निर्माण कार्यों में स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों की सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इस मामले में संतोष तिवारी, महेश तिवारी, विनय तिवारी, अजय तिवारी, योगेश तिवारी, शिवांक, अनमोल सहित अन्य ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराने और पुलिया के निर्माण की जांच करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया की उपयोगिता की जांच कराकर आवश्यक सुधार कराया जाए, जिससे ब्राह्मण बस्ती के लोगों का आवागमन सुचारु हो सके।
अब देखना यह है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की इस समस्या पर क्या कार्रवाई करते हैं।







