भदोही
भदोही वरिष्ठ कालीन निर्यातक एवं नुमान ओरिएंटल रग्स के डायरेक्टर नुमान अंसारी ने कहा कि भदोही में तीसरी बार कालीन मेले का आयोजन किए जाने पर कालीन निर्यात संवर्धन परिषद बधाई की पात्र है।
इसके लिए सीईपीसी को जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम हैं। इस इंडिया कार्पेट एक्सपो से उद्योग सहित भदोही का भी विकास होगा। अंसारी ने कहा इस बार काउंसिल 50वें अंतर्राष्ट्रीय कालीन मेले का आयोजन गोल्डेन जुबली के रूप में आयोजन करने जा रही है जो इंडस्ट्रीज के लिए हर्ष की बात है।
उन्होंने बताया कि 4 से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय इंडिया कार्पेट एक्सपो को लेकर एक्सपो में स्टाल बुक कराने वाले निर्यातक दिन रात मेहनत कर अच्छे-अच्छे कालीनों को तैयार कराए हुए हैं।
आने वाले आयातकों की रुचि के अनुसार सैंपल कराना जरूरी है ताकि पहली नजर में उत्पाद पसंद आ जाए। अंसारी ने कहा कि विश्व व्यापी प्रतिस्पर्धा के बीच अब कीमती कालीनों की खरीदारी में कमी आई है।
आयातक परंपरा से हटकर नए लुक व नई डिजाइनों के उत्पाद पसंद कर रहे है। ऐसे में आयातकों की पसंद के अनुसार ही निर्यातकों द्वारा सैंपल तैयार कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि परंपरा से हटकर जो निर्यातक नए वेरायटी को तैयार कराए हुए हैं।
उनको मेले से आर्डर मिलने की संभावना अधिक होगी। क्योंकि इस तरह के कालीनों को विदेशी आयातक पहली नजर में ही पसंद कर लेंगे।
अंसारी ने कहा कि भदोही में यह तीसरी बार कालीन मेले का आयोजन हो रहा है। ऐसे में आशा जताई जा रही है कि यह कालीन मेला पिछले दो बार से ज्यादा इस वर्ष सफल रहेगा। कालीन निर्यातक नुमान अंसारी ने कहा दुनिया मे भारतीय कालीन की धूम है, यहां की डिजाइन और कलर कम्बीनेशन किसी और देश मे नही मिल सकता।
मेले में प्रतिभाग करने वाले विदेशी आयातकों को आकर्षित करेगी भदोही की नई-नई तकनीक की कालीन। वहीं वरिष्ठ कालीन निर्यातक नुमान अंसारी मैं रॉ मटेरियल के बढ़ते कीमत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार से आग्रह है की रॉ मटेरियल के कीमतो को 6 महीने तक निर्धारित रेट तय होना चाहिए जिससे कालीन निर्यातक अपना काम सुचारू रूप से कर सके







