मीरजापुर। शारदीय नवरात्र में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के विंध्याचल पहुंचने की संभावना है। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं। कई बार भक्तों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है खासकर जब मंदिर बंद होता है चारों ही गेट पर यह दिक्कतें बनी रहती है। ऐसे में उमस और गर्मी के बीच छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं तथा कमजोर श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि गर्मी और उमस के कारण कई बार कमजोर और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ जाती है और वे कतार में बेहोश होकर गिर जाते हैं। ऐसे में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही दर्शन मार्ग पर गर्मी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जाने की जरूरत है
श्रद्धालुओं के अनुसार मंदिर परिसर के आसपास तथा दर्शन के लिए बनाए गए कतार वाले मार्ग पर प्रमुख स्थानों, पिलरों और अन्य उपयुक्त जगहों पर बड़े फर्राटेदार पंखे लगाए जाएं तो गर्मी से काफी राहत मिल सकती है। विशेषकर उन स्थानों पर पंखों की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है, जहां श्रद्धालुओं की कतार अधिक समय तक स्थिर रहती है।
इसके साथ ही कतार वाले मार्ग पर जगह-जगह स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था भी जरूरी है। लंबी कतार में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पेयजल उपलब्ध होने से गर्मी और उमस के दौरान उन्हें काफी सुविधा मिल सकती है। नवरात्र शुरू होने से पहले ही इन व्यवस्थाओं को प्रमुख स्थानों पर सुनिश्चित किए जाने की मांग उठ रही है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर व्यवस्था से मांग की है कि मंदिर परिसर से लेकर दर्शन के लिए लगने वाली लंबी कतार के प्रमुख पड़ावों तक बड़े पंखे, शीतल पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचते हैं, इसलिए दर्शन व्यवस्था के साथ उनकी बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं के अनुसार मैहर देवी मंदिर में दर्शन मार्ग पर गर्मी से राहत के लिए पंखे आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसी तरह की व्यवस्था विंध्याचल में भी प्रमुख कतार वाले स्थानों पर की जाए तो दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल सकती है। इससे नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सुरक्षित माहौल में मां के दर्शन करने में मदद मिलेगी।







