चन्दौली सकलडीहा
तहसील क्षेत्र के कैंप कार्यालय पर गुरुवार को वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह राजपूत की अध्यक्षता में पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में पत्रकारों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई गई।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए अजय सिंह राजपूत ने कहा कि वाराणसी और चंदौली में पत्रकारों को निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जो निंदनीय है। वाराणसी के लालपुर-पांडेपुर थाने में पत्रकार के साथ बदसलूकी के बाद पत्रकारों के विरोध पर आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया था। पत्रकारों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि धानापुर के पत्रकार नवनीत सिंह पर जान से मारने की धमकी और जबरदस्ती जमीन कब्जाने का फर्जी आरोप लगाकर बिना जांच मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जबकि पत्रकार ने आवेदिका को देखा तक नहीं है। वह कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं।
इसी तरह कुछ माह पूर्व सकलडीहा तहसील में फर्जी रजिस्ट्री का मामला अखबारों में प्रकाशित होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद आरोपी के भाई ने पत्रकार मुकेश कुमार मौर्य पर फर्जी रंगदारी मांगने का आरोप लगाया, जो पुलिस जांच में असत्य पाया गया। बावजूद इसके फर्जी आरोप लगाने वाले पर कार्रवाई न होने से ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं। पत्रकारों ने एक स्वर में फर्जी आरोप लगाने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की और कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
बाद में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्राधिकारी सकलडीहा कृष्ण मुरारी शर्मा से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। सीओ ने आश्वस्त किया कि पत्रकारों के मामलों में विशेष ध्यान दिया जाएगा और किसी भी स्थिति में शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर विवेक चौरसिया, राजेश गुप्ता, मुकेश दुबे, हरवंश बिंद, चंद्रभान कुशवाहा, सुग्रीव कुमार, पिंटू यादव, संजय दिनकर, रामबहादुर, राहुल पाण्डेय सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।







