चन्दौली इलिया
निरीक्षण में पंजीकरण, फायर NOC और बायोमेडिकल वेस्ट संबंधी अभिलेख नहीं मिले; दो बच्चों को जिला संयुक्त चिकित्सालय के KNICU में कराया गया भर्ती
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चकिया क्षेत्र में संचालित एक अस्पताल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और अभिलेखों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने तथा प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। जांच टीम ने अस्पताल के प्रथम तल पर संचालित एनआईसीयू (NICU) तथा भूतल पर संचालित क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार जांच के दौरान अस्पताल संचालिका से अस्पताल संचालन से संबंधित वैध अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया। हालांकि, मौके पर अस्पताल का वैध पंजीकरण, अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC) तथा बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए।
अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ नहीं मिला
निरीक्षण टीम के अनुसार मौके पर अस्पताल में कोई भी प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट अथवा एएनएम उपस्थित नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा संबंधी कार्य किए जाने की जानकारी भी प्राप्त हुई।
इसके अलावा अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता भी नहीं मिली। बच्चों के उपचार से संबंधित सेवाएं संचालित होने के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सक की अनुपस्थिति को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया।
अस्पताल में भर्ती मिले दो बच्चे
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में दो बच्चे भर्ती पाए गए। बच्चों की सुरक्षा और उन्हें समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों बच्चों को जिला संयुक्त चिकित्सालय, चकिया के केएनआईसीयू (KNICU) में भर्ती कराया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों को किसी भी संभावित चिकित्सकीय जोखिम से बचाते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बताया गया है।
प्रथम तल का NICU और भूतल का क्लीनिक सीज
निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जांच अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश एवं डॉ. विकास कुमार सिन्हा ने मौके पर ही अस्पताल के प्रथम तल पर संचालित एनआईसीयू तथा भूतल पर संचालित क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।
कार्रवाई के बाद इसकी जानकारी संबंधित उच्चाधिकारियों को भी उपलब्ध करा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना वैध पंजीकरण तथा आवश्यक मानकों और सुविधाओं के चिकित्सा संस्थान संचालित किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों और परिजनों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम अथवा चिकित्सा केंद्र में उपचार कराने से पहले उसके वैध पंजीकरण, चिकित्सकों की उपलब्धता तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
विशेषकर नवजात और बच्चों के उपचार के मामले में अभिभावकों से अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने की पुष्टि करने की अपील की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक सुविधाओं के संचालित चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।







